सोमवार, 14 सितंबर 2015

महिला आंत्रप्रेन्‍योर को आगे बढ़ाने के लिए आई विशेष स्‍कीम

1 करोड़ तक का मिल सकता है लोन 

भारत सरकार का काफी समय से जोर रहा है कि किसी तरह से आंत्रप्रेन्‍योरशिप को बढ़ावा दिया जाए। चूंकि इससे जहां एक ओर बिजनेस व अर्थव्यवस्था को जोर मिलेगा वहीं रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकेंगे। सरकार के दिशा-निर्देश पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वुमन आंत्रप्रेन्‍योरशिप डेवलप के लिए एक नई स्कीम ‘‘सेन्ट कल्याणी’’ लॉन्‍च कर दी गई जिसके अंतर्गत बैंक वुमन आंत्रप्रेन्‍योर को एक करोड़ तक का लोन दे रहा है। 

जानिए क्या है यह योजनाः
  • 18 साल से अधिक तक की सभी महिला आंत्रप्रेन्‍योर इसका लाभ उठा सकती हैं। 
  • महिलाएं अपनी पसंद का काम चुन सकती हैं, क्‍योंकि बैंक ने काम की प्रकृति तय नहीं की है।
  • सभी आयवर्ग की वूमैन इस स्‍कीम का लाभ उठा सकती हैं। चूंकि इसके लिए बैंक द्वारा इनकम की कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है। 
  • लोन की न्यूनतम सीमा निश्चित नहीं है, पर अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपए तक रखी गई है। 
  • इस योजना में 20 फीसदी मार्जिन की जरूरत होगी। 
  • इसमें ब्याज दर फ्लोटिंग और बेस रेट से लिंक्ड है। 
  • 10 लाख तक के लोन पर बेस रेट प्‍लस 0.25 फीसदी ब्‍याज के साथ जहां कहीं जरूरी है, वहां टेन्‍योर प्रीमियम देना जरूरी होगा।
  • 10 लाख से अधिक व एक करोड़ तक के लोन पर बेस रेट प्‍लस 0.50 फीसदी ब्‍याज के साथ जहां कहीं जरूरी है, वहां टेन्‍योर प्रीमियम देना जरूरी होगा। 
  • टर्म लोन टेन्‍योर प्रीमियम (मॉरेटोरियम समेत) इस प्रकार रहेगा-एक साल से अधिक व 3 वर्ष तक के लिए 0.20 प्रीमियम और 3 साल से अधिक और 7 साल तक के लिए 0.40 फीसदी प्रीमियम। 
  • रीपेमेंट की स्थिति में टर्म लोन अवधि अधिकतम 7 वर्ष है। इसमें 6 माह से लेकर एक वर्ष तक का मॉरेटोरियम भी शामिल है।



  • बैंक इस लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ले रहा है।
  • बैंक फंड से सृजित स्‍टॉक, प्राप्‍त राशियों व सभी असेट्स को बैंक जब्‍त कर सकता है, यदि निश्चित शर्तों के अनुसार बैंक को राशि वापस नहीं की जाती। 
  • लोन के लिए किसी कोलैटरल या थर्ड पार्टी गारंटी की जरूरत नहीं है। 
  • लोन को अनिवार्य रूप से सीजीटीएमएसई रिटेल ट्रेड (जिसे स्‍मॉल सर्विसेज की श्रेणी में रखा गया है) के अंतर्गत रखा जाना है जोकि एजुकेशनल/ट्रेनिंग इंस्‍टीट्यूशन और एसएचजीएस को छोड़कर सभी यूनिट्स पर लागू होता है।



  • महिला आंत्रप्रेन्‍योर को दी जाने वाली यह सुविधा ओवरड्राफ्ट/कैश क्रेडिट वर्किंग कैपिटल लिमिट/टर्म लोन/नॉन-फंड बेस्‍ड लिमिट किसी भी तरह की हो सकती है।
  • केवाईसी नियमों को तय किया जाना आवश्यक है।
  • विवाह के बाद बदले हुए नाम का रिकार्ड होना जरूरी है।
  • आईबीए स्‍वीकृत स्‍टैंडर्ड आवेदन-पत्र बैंक की वेबसाइट पर दिया गया है, जिसको भरकर लोन के लिए अप्लिकेशन दिया जा सकता है।
  • लोन के लिए पिछले दो सालों की बैलेंस शीट, अनुमानित व प्रोजेक्‍टेड बैंलेंस शीट व अन्‍य फाइनेंशियल स्‍टेटमेंट्स होनी चाहिए।
  • लोन लेने वाले आंत्रप्रेन्‍योर द्वारा स्मजजमत व िभ्लचवजीमबंजपवदए स्मजजमत व िपदजमतमेजए स्मजजमत व िब्वदजपदनपजल व स्मजजमत व िन्दकमतेजंदकपदह देना आवश्यक  है। 

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