बुधवार, 15 नवंबर 2017

आज का विचार 

जीवन की भागदौड़ में हम अपनी छोटी उपलब्धियों पर खुद को इनाम देने से चूक जाते हैं। अपने आप को प्रेरित करने और अपनी उपलब्धि पर प्रसन्नता महसूस करने के लिए, आपको अपने आप को इनाम देना चाहिए। यह इनाम कहीं के टूर या कोई गैजेट खुद के लिए खरीदने के रूप में हो सकता है।

मंगलवार, 14 नवंबर 2017

आज का विचार 


लम्बे समय तक काम करने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से थकावट महसूस कर सकते हैं। इससे आप की प्रॉडक्टिविटी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए काम के बीच में छुट्टियां लें और बाहर घूमने जाएं इससे आपके अंदर नई एनर्जी आएगी और प्रॉडक्टिविटी में भी इजाफा होगा।

सोमवार, 13 नवंबर 2017



आज का विचार 



आप अपने काम में जितना अधिक प्रशिक्षित होंगे, उतना अधिक ही आप किसी भी स्थिति के लिए तैयार होंगे और स्थिति को काबू में कर सकेंगे। इसलिए आपको अपने काम के संबंध में हमेशा अपनी जानकारी को बढ़ाते रहने की आवश्यकता है, जिससे आप काम की मांगों को सही से पूरा कर सकें।

रविवार, 12 नवंबर 2017


आज का विचार 

आपको अपने काम को छोटे-छोटे टास्क में बांट लेना चाहिए। इस तरह से कितना बड़ा काम भी आपको मुश्किल नहीं लगेगा और आसानी के साथ आप उसे अंजाम तक पहुंचा सकेंगे।

गुरुवार, 9 नवंबर 2017


आज का विचार 

बिना लक्ष्यों के जीवन ठीक उसी तरह है जैसे दिशा के बगैर हवा। अगर आप जीवन में लक्ष्य तय नहीं करते हैं तो आप भले ही कितने मेहनती क्यों न हों लेकिन सफलता से आप वंचित रह सकते हैं। इसलिए सबसे पहले लक्ष्य तय करें और उनमें भी प्राथमिकता तय करें कि पहले किस लक्ष्य को हासिल करना है, उसके बाद किसे।

बुधवार, 8 नवंबर 2017

आज का विचार 


बिना लक्ष्यों के जीवन ठीक उसी तरह है जैसे दिशा के बगैर हवा। अगर आप जीवन में लक्ष्य तय नहीं करते हैं तो आप भले ही कितने मेहनती क्यों न हों लेकिन सफलता से आप वंचित रह सकते हैं। इसलिए सबसे पहले लक्ष्य तय करें और उनमें भी प्राथमिकता तय करें कि पहले किस लक्ष्य को हासिल करना है, उसके बाद किसे।

मंगलवार, 7 नवंबर 2017

आज का विचार 

जीवन में कुछ बातें या घटनाएं संयोगवश हो सकती हैं लेकिन आप अगर इस इंतजार में रहेंगे कि सब कुछ अपने आप अकस्मात ही आपको हासिल होगा, तो शायद आप सारी जिंदगी इंतजार ही करते रह जाएंगे, क्योंकि संयोग हमेशा तो नहीं हो सकता। यहां तक कि भौतिक विज्ञान की क्वांटम थ्योरी भी यही कहती कि अगर आप असंख्य बार तक कोशिश करते रहेंगे, तो एक दिन टहलते हुए दीवार के बीच से भी निकल सकते हैं। आपके बार बार करने से कणों में स्पंदन होता रहेगा, जिसकी वजह से शायद दीवार के बीच से निकल पाना भी संभव हो जाए। लेकिन जब तक आप इस अवस्था को हासिल करेंगे, आपकी खोपड़ी फट चुकी होगी, तो जब तक आप किसी संयोग का इंतजार करते रहेंगे, आप व्यग्र रहेंगे, लेकिन जब आप पक्के इरादे के साथ अपनी क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल करते हुए अपनी मंजिल की तरफ बढ़ेंगे, तब यह बात मायने नहीं रखती कि क्या हुआ और क्या नहीं हुआ। 

शनिवार, 4 नवंबर 2017

आया ऐसा पावर बैंक, जिससे 14,000 रुपए में 
12 वर्षों तक चलेगी सारे घर की बिजली 


शीर्षक को पढ़ने के बाद शायद आप चैंक गए होंगे या सोच रहे होंगे कि यह किसी टाइपिंग की गलती का नतीजा है लेकिन चैकने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं क्योंकि आपने बिल्कुल सही पढ़ा है। जी हां! अगले वर्ष तक एक ऐसा पावरबैंक आने वाला है, जोकि इतना पावरफुल होगा कि वह आपके घर के बिजली के सभी उपकरण चला सकेगा। यही नहीं 300 घंटे तक निरंतर बिजली की आपूर्ति करने वाला यह अनोखा पावरपैक 12 वर्षों तक आपको बिजली की सप्‍लाई देता रहेगा और आपको बिजली के बिल से आजादी मिल जाएगी। जबकि देश की बिजली संबंधी वर्तमान स्थिति पर दृष्टि दौड़ाए तो वह बहुत अच्छी नहीं है। इस स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने साल 2021 तक देश के लगभग हर घर में बिजली मुहैया करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मौजूदा स्थिति की बात करें तो पूरे देश में 18,500 गांव ऐसे हैं, जहां आज भी बिजली नहीं है। देश में अभी भी 43 मिलियन घर ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं है।

ऐसे में, गत माह दिल्‍ली के एक इवेंट में एक ऐसा पावरबैंक प्रदर्शित किया गया, जिसके परिणाम चैंकाने वाले थे। भारतीय समाज सेवी और उद्योगति मनोज भार्गव ने इस कार्यक्रम में दर्शकों को एक डॉक्‍यूमेंटरी फिल्‍म दिखाई। बिलियन्स इन चेंज 2 नाम की इस शॉर्ट फिल्‍म में कुछ ऐसे प्रोडक्‍ट और सॉल्‍यूशन दिखाए गए हैं, जिनके उपयोग से जनसाधारण की दिनचर्या की सभी आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो सकती हैं।

कार्यक्रम में पोर्टेबल सोलर डिवाइस हंस 300 पावरपैक और हंस सोलर उपकरण के लॉंच की घोषणा की गई। मनोज भार्गव की कंपनी द्वारा तैयार ये उत्पाद वास्तव में एक सोलर पाॅवर स्‍टेशन हैं, जोकि सोलर ऊर्जा से भारी मात्रा में बिजली बनाकर उसे लंबे समय के लिए स्‍टोर कर सकते हैं। इससे सभी लोगों अथवा किसी के घर में बिजली की सभी जरूरतों को बहुत कम खर्चे में काफी समय तक पूरा किया जा सकता है।

अनोखा है हंस 300 पावरपैक 
हंस 300 छोटा सा सोलर पावर बैंक है, जोकि बहुत अधिक बिजली बनाता और स्‍टोर करता है। इससे घर की लाइटें, पंखे, टीवी आदि घरेलू उपकरण आराम से चलाए जा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह शक्तिशाली पावरपैक किसी अन्य सोलर बैटरी सिस्‍टम से अत्यधिक पावरफुल है। इस उपकरण को 130 घंटे और 300 घंटे के पावर बैकअप वाले दो मॉडल्‍स में पेश किया गया है। इनकी कीमत क्रमशः 10 हजार और 14 हजार है। यही नहीं इस उपकरण पर पूरे 12 साल की वारंटी है यानि यह है कि एक बार घर पर लगाने के बाद आपको 1 2 सालों तक बिजली के बिल से आजादी मिल सकती है।

आप मई 2018 से खरीद सकेंगे हंस 300
बिलियन्स इन चेंज 2 कंपनी की अपने दो पावरबैंक ‘हंस पावरपैक और हंस सोलर ब्रिफकेस’ को अगले साल मई में मार्केट में उतारने की योजना है। मनोज भार्गव का कहना है कि इस हाईटेक 21वीं सदी में भी दुनिया भर के लाखों करोंड़ो लोग गावों में बिना बिजली के ही रहने को मजबूर हैं। उनके ये सोलर उपकरण शहरों से ज्‍यादा गांवों के लिए वरदान हैं।
इसके साथ ही इस इवेंट में भार्गव ने दो रेनमेकर फिल्ट्रेशन यूनिट्स को भी पेश किये। इस युनिट्स से खारे और गंदे पानी को साफ करके कृषि में सिंचाई और पीने के लायक बनाया जा सकता है। श्री भार्गव की माने तो आज के समय में बहुत से लोग हैं जो दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं, इस डिवाइस से उन्हें साफ और स्वच्छ पानी मिलेगा।

अधिक जानकारी के लिए आप इस फिल्म को देख सकते हैंः
https://www.youtube.com/watch?v=52-sw5V94PA

आज का विचार 


यदि आपको कोई साँप मिलता है तो उसे मार दें। आपको साँपों पर कमेटी बैठाने की कोई जरूरत नहीं है। मतलब यदि आपके जीवन में कोई परेशानी आये तो आपको तुरंत उसे दूर करने के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए और दूर कर देना चाहिए। ऐसा नहीं करना चाहिए कि उस परेशानी को लेकर बैठ जाएं और सबको बताएं लेकिन उसके समाधान के बारे में नहीं सोचें।

गुरुवार, 2 नवंबर 2017


आज का विचार 



जीवन के बहुत से कार्य ऐसे होते हैं, जिनमे शार्टकट से काम नहीं बनता। अतः आपको प्रत्येक कार्य में शार्टकट की तलाश नहीं करनी चाहिए। किसी भी कार्य में जितनी ऊर्जा की जरूरत होती है, उतनी ऊर्जा तो आपको खर्च करनी ही चाहिए तभी वह कार्य सही से हो पायेगा और Positive result दे पायेगा।

बुधवार, 1 नवंबर 2017

आज का विचार 

समय धन से अधिक मूल्यवान होता है। आपको धन के साथ-साथ समय का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसा इसीलिए कहा जाता है क्योकि धन को आप खोने के बाद भी प्राप्त कर सकते हैं लेकिन यदि एक बार समय को खो दिया, तो उसे किसी भी कीमत पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

आपको कोई भी काम करने से पहले हमेशा दूर की सोचकर चलना चाहिए। इसके लिए आप जो भी कार्य करने जा रहे हैं, उसे करने से पहले यह जरूर सोच लेना चाहिए कि इसके क्या परिणाम होंगे। यदि सकारात्मक सोच (Positive result) हों तो कार्य को शुरू कर देना चाहिए। अपनी सोच को ऐसा बनायें कि किसी कार्य के भविष्य में क्या परिणाम होंगे, इसकी परख आप कर सकें।

रविवार, 29 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

आपके द्वारा बोले गए शब्दों से अधिक महत्वपूर्ण आपके कार्य होते हैं। जीवन में हमेशा ऐसा करो कि लोग आपको आपकी बातों से नहीं बल्कि आपके कार्यों से जाने। यानि आप किसी कार्य को करने के लिए कहते हैं तो यह बात महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन यदि आप उस कार्य को पूरा कर देते हैं तो यह बात महत्वपूर्ण है। यही जीवन की असली सफलता  है।

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017

ओस की बूंदों से सिंचाई
दीवारों पर गेहूं और धान की खेती
प्रतिकूल मौसम में भी हर तरह की फसल लेना 
यह सब संभव कर एक किसान कर रहा है 1 करोड़ की आमदनी 
कभी घर खर्च चलाना था मुश्किल


खेती को घाटे का सौदा करने वालों लोगों की बोलती बंद करती अनेक लोगों की मिसालें हम अपने इस ब्लाॅग में समय-समय पर प्रकाशित करते रहे हैं। इसी श्रृंखला के अंतर्गत आज हम आपको एक ऐसे राज्य के किसान से मिलवाने जा रहे हैं। जहां पर पानी की भारी किल्लत है। जहां तक बरसात की बात करें तो वहां उसका कोई ठोर-ठि‍काना नहीं होता। ऐसे में, एक किसान ने अथक परिश्रम, लगन, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाकर ऐसी कमाई की ऐसी फसल तैयार की कि‍ सारे भारतवर्ष में उसके बारे में चर्चे होने लगे।

जी हां! हम बात कर रहे हैं, राजस्‍थान के जयपुर से लगभग 35 कि.मी. दूर स्थित गांव गुड़ा कुमावतान के कि‍सान खेमा राम (45 वर्ष) की। नौवीं पास खेमाराम की स्थिति आज से पांच वर्ष पूर्व दूसरें किसानों की ही तरह थी। आज से 15 साल पहले उनके पिता कर्ज से डूबे थे। ज्यादा पढ़ाई न कर पाने की वजह से परिवार के गुजर-बसर के लिए इनका खेती करना ही आमदनी का मुख्य जरिया था। ये खेती में ही बदलाव चाहते थे, शुरुआत इन्होने ड्रिप इरीगेशन से की थी। इजरायल जाने के बाद ये वहां का माडल अपनाना चाहते थे।
खेमा राम आज सारे देश के कि‍सानों के लि‍ए एक आदर्श बन चुके हैं। आज भी प्रतिदिन दूर-दूर से लोग यह देखने आते हैं कि‍ कैसे ओस की बूंदों से सिंचाई हो सकती है? कैसे दीवारों पर गेहूं और धान की खेती की जा सकती है? इतना ही नहीं कैसे हम मौसम को धता बता कर सफलतापूर्वक उपज ले सकते हैं? सबसे हैरान करने वाली बात तो यह कि पांच वर्ष पहले घर का खर्चा चलाने से परेशान खेमा रामजी का आज वार्षिक टर्नओवर 1 करोड़ जा पहुंचा है, जोकि निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। 
आप भी यह सब पढ़कर सोच रहे होंगे कि आखिर खेमाराम जी ने कौन सी तकनीक को अपनाया कि पांच वर्षों में उनके वारे-न्यारे हो गए। चलिए आपको बताते हैं कि इस कृषि तकनीक के बारे में। असल में हुआ यूं कि खेमा राम ने वर्ष 2012 में सरकार के सहयोग से इजरायल की यात्रा की। कृषि क्षेत्र में इजरायल विश्व का सबसे हाईटेक देश माना जाता है। वहां रेगिस्तान में ओस से सिंचाई होती है, दीवारों पर गेहूं, धान उगाए जाते हैं, भारत के लाखों लोगों के लिए ये एक सपना ही है। इजरायल से सिंचाई की आधुनिक तकनीकों और सरंक्षित खेती (पॉली हाउस) में फसलें उगाने की जानकारी मिली। वापस आने के बाद इस तर्ज पर खेमा राम ने बि‍ना देर लगाए इस तकनीक को व्यावहारिक धरातल पर उतारना शुरू कर दि‍या। जैसा कि स्वाभाविक रूप से सभी के साथ होता है वैसे ही आरंभ में खेमा राम जी के सामने भी अनेक परेशानियां आईं परंतु उन्‍होंने हार न मानी। कुछ देसी तकनीक तो कुछ वि‍देशी तकनीक को मि‍लाकर कर सिंचाई का सि‍स्‍टम व पॉली हाउस तैयार कर लि‍या, जिसे साधारणतः हम हिंदुस्तानी जुगाड़ का नाम देते हैं।

आरंभ में खेमा राम जी ने 9 लाख रुपए बैंक से ऋण लेकर और शेष सरकार से अनुदान प्राप्त कर चार हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉली हाउस लगाया। इसमें सबसे पहले उन्होंने खीरे की फसल की। पहली बार में ही उन्‍होंने लगभग 11 लाख रुपए का खीरा बेचा। सबसे पहले उन्होंने बैंक कर्ज चुकाया। आज उनके पास तीस हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉली हाउस हैं, जिसमें बीस हजार वर्ग मीटर पर पॉली हाउस उन्‍होंने सरकारी सहायता से तो दस हजार वर्गमीटर उन्‍होंने अपने खर्च से बनवाये हैं। पॉली हाउस की छत पर माइक्रो स्प्रिंकलर लगे हैं, जोकि भीतर तापमान कम रखते हैं। दस फीट पर लगे फव्वारे फसल में नमी बनाए रखते हैं।

खेमाराम ने अपनी खेती में 2006-07 से ड्रिप इरीगेशन 18 बीघा खेती में लगा लिया था। इससे फसल को जरूरत के हिसाब से पानी मिलता है और लागत कम आती है। ड्रिप इरीगेशन से खेती करने की वजह से जयपुर जिले से इन्हें ही सरकारी खर्चे पर इजरायल जाने का मौका मिला था जहाँ से ये खेती की नई तकनीक सीख आयें हैं।

इतना ही नहीं खेमाराम आज कोई भी मौसम में कोई भी फसल लगा सकते हैं। चूंकि उनके पास दो तालाब और चार हजार वर्ग मीटर में फैन पैड है। साथ-साथ ही साथ उनके पास 40 किलोवाट का सोलर पैनल भी है। खेमा राम चैधरी बताते हैं कि सोलर पैनल लगाने से फसल को समय से पानी मिल पाता है, फैन पैड भी इसी की मदद से चलता है, इसे लगाने में पैसा तो एक बार खर्च हुआ ही है लेकिन पैदावार भी कई गुना बढ़ी है जिससे अच्छा मुनाफा मिल रहा है, सोलर पैनल से हम बिजली कटौती को मात दे रहे हैं।

फैन पैड (वातानुकूलित) कूलिंग सि‍स्‍टम है, जि‍सकी सहायता से कि‍सी भी ऋतु में कोई भी उपज ली जा सकती है। यद्यपि इसकी लागत अत्यधिक है। 80 लाख की लागत में 10 हजार वर्गमीटर में फैन पैड लगाने वाले खेमाराम ने बताया, “पूरे साल इसकी आक्सीजन में जिस तापमान पर जो फसल लेना चाहें ले सकते हैं, मै खरबूजा और खीरा ही लेता हूँ, इसमे लागत ज्यादा आती है लेकिन मुनाफा भी चार गुना होता है। डेढ़ महीने बाद इस खेत से खीरा निकलने लगेगा, जब खरबूजा कहीं नहीं उगता उस समय फैन पैड में इसकी अच्छी उपज और अच्छा भाव ले लेते हैं।...खीरा और खरबूजा का बहुत अच्छा मुनाफा मिलता है, इसमें एक तरफ 23 पंखे लगें हैं दूसरी तरफ फव्वारे से पानी चलता रहता है ,गर्मी में जब तापमान ज्यादा रहता है तो सोलर से ये पंखे चलते हैं, फसल की जरूरत के अनुसार वातावरण मिलता है, जिससे पैदावार अच्छी होती है।...ड्रिप से सिंचाई में बहुत पैसा बच जाता है और मल्च पद्धति से फसल मौसम की मार, खरपतवार से बच जाती है जिससे अच्छी पैदावार होती है। तरबूज, ककड़ी, टिंडे और फूलों की खेती में अच्छा मुनाफा है। सरकार इसमे अच्छी सब्सिडी देती है, एक बार लागत लगाने के बाद इससे अच्छी उपज ली जा सकती है।”

आज इस क्षेत्र में 200 से अधिक पॉली हाउस हैं। खेमा राम जी की माने तो यहां के‍ कि‍सान अब बहुत अधिक जागरूक हो चुके हैं, फिर भी यदि कि‍सानों को सरकार की सहायता मि‍ले तो इस काम को और आगे बढ़ाया जा सकता है। पॉलीहाउस जैसा सि‍स्‍टम बनाने में सरकारी अनुदान बहुत जरूरी है।
खेमाराम चैधरी जी के देखादेखी आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में लगभग 200 पॉली हाउस बन चुके हैं। जहां किसान संरक्षित खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं। पॉली हाउस लगे इस पूरे क्षेत्र को लोग अब मिनी इजरायल के नाम से जाना जाता हैं। खेमाराम की माने तो “आज से पांच साल पहले हमारे पास एक रुपए भी जमा पूंजी नहीं थी, इस खेती से परिवार का साल भर खर्चा निकालना ही मुश्किल पड़ता था। हर समय खेती घाटे का सौदा लगती थी, लेकिन जबसे मैं इजरायल से वापस आया और अपनी खेती में नये तौर-तरीके अपनाए, तबसे मुझे लगता है खेती मुनाफे का सौदा है, आज तीन हेक्टयर जमीन से ही सालाना एक करोड़ का टर्नओवर निकल आता है।...अगर किसान को कृषि के नये तौर तरीके पता हों और किसान मेहनत कर ले जाए तो उसकी आय 2019 में दोगुनी नहीं बल्कि दस गुनी बढ़ जाएगी।”

खेमा राम चैधरी को खरबूजा की बेहतर पैदावार के लिए वर्ष 2015 में महिंद्रा की तरफ से नेशनल अवार्ड केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह द्वारा दिल्ली में दिया गया। इन्हें कृषि विभाग की तरफ से सोलर पैनल लगाने के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017


आज का विचार 

जीवन में कोई भी कार्य अचानक या संयोग से (तुक्के से) नहीं होते। और अगर ऐसा हो भी जाता है तो ऐसे काम स्थायी नहीं होते। आपके वही कार्य आपका जिंदगी भर साथ देते हैं जिनको आपने सोच समझकर और एक योजना बनाकर किया हो। अतः संयोग में नहीं बल्कि अच्छी योजना में विश्वास रखिये।

बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

जिन लोगों के पास खाली समय होता है, वह हमेशा काम करने वाले लोगों का समय बर्बाद करते हैं। आपको जीवन में हमेशा ऐसे लोगों से बच कर रहना चाहिए। यदि आपके जीवन में इस समय ऐसे लोग हैं तो वह आपको उतना सफल नहीं होने देंगे जितना आप उनसे दूर रहकर सफल हो सकते हैं।

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

आज का विचार

यदि आप शहद खाना चाहते हैं, तो आपको इस बात के लिए भी तैयार रहना चाहिए कि मधुमक्खियाँ आपको जरूर काटेंगी। आप कोई अच्छा कार्य करना चाहते हैं या सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको रास्ते में पड़ने वाली परेशानियों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यदि आप तैयार हैं तो कदम बढ़ा दीजिए।

सोमवार, 23 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि
आपने क्या करने के लिए सोचा है,
बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये
और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये।

-चाणक्य

रविवार, 22 अक्टूबर 2017

आज का विचार 


हर सुबह पांच बाते अपने आप से बोलो:-
1- मैं सबसे अच्छा हूॅं।
2- मैं यह कर सकता हूॅं।
3- भगवान हमेशा मेरे साथ है।
4- मैं एक विजेता हूॅं।
5- आज का दिन मेरा दिन है। 
~ ऐ पी जे अब्दुल कलाम

मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

यदि आप दूसरों में खुशियाँ तलाशते हैं तो;
आप अकेले हो सकते हैं।
पर इन्हें खुद में तलाशेंगे तो;
अकेले रहने पर भी आप खुश रह सकते हैं ।

सोमवार, 16 अक्टूबर 2017

आज का विचार 


आप थोड़ी देर और सो सकते हैं और असफलता का सामना कर सकते हैं या आप सफलता का पीछा करने के लिए तुरंत उठ सकते हैं। इच्छा पूरी तरह से आपकी है।

रविवार, 15 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

अगर कल का दिन अच्छा था तो रुकिए नहीं,
हो सकता है आपकी जीत का सिलसिला
बस अभी शुरू ही हुआ हो।

शनिवार, 14 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

याद रखें कि कोई भी आपकी सहमति के बिना 

आपको नीचा नहीं महसूस करवा सकता।

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

जो अपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गया है, उसे ही प्रकाश का दर्शन होता है। जो थोड़ा इधर, थोड़ा उधर हाथ मारते हैं, वे कोई लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाते। वे कुछ क्षणों के लिए बड़ा जोश दिखाते है; किन्तु वह शीघ्र ठंडा हो जाता है।

स्वामी विवेकानंद

बुधवार, 11 अक्टूबर 2017

आज का विचार 


व्यक्ति द्वारा कामयाब होने के लिए लिया गया फैसला
बाकी सभी फैसलों से अधिक महत्वपूर्ण होता है।

 अब्राहिम लिंकन 

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2017

आज का विचार 

संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है,
असंभव से भी आगे निकल जाना.

सोमवार, 9 अक्टूबर 2017

                      

        आज का विचार 

                                 हाथ की लकीरों की ताक़त का अंदाजा                                                       इस बात से लगाया जा सकता है कि                                       वे मुट्ठी में बंद होकर भी काबू में नहीं होती।

रविवार, 8 अक्टूबर 2017

   आज का विचार 

                   बोलने से पहले सोचना चाहिए क्योंकि बोले गए वचन                   केवल माफ किए जा सकते हैं भुलाए नहीं जा सकते।

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017

आज का विचार 


हमें किसी से भी उतनी हीं नजदीकी बढ़ानी चाहिए, जितनी नजदीकी जरूरी हो, क्योंकि जरूरत से ज्यादानजदीकी अक्सर मनमुटाव और गलतफहमियाँ पैदा करके रिश्तों को तोड़-मरोड़कर रख देती है

बुधवार, 4 अक्टूबर 2017


आज का विचार 

अगर किसी कार्य में हार ही माननी थी तो फिर सोचो के इतनी देर से उसमें क्यों समय खराब किया?

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017



आज का विचार 

अशिष्टता कमजोर मनुष्य की ताकत का महज नकली दिखावा होती है।

सोमवार, 2 अक्टूबर 2017


आज का विचार 

आत्मविश्वास शांत होता है और असुरक्षा बेचैन होती है।

मंगलवार, 26 सितंबर 2017


आज का विचार 

ज़िन्दगी अपने आप को ढूंढने का नाम नहीं है, 
बल्कि ज़िन्दगी अपने आप को बनाने का नाम है।

सोमवार, 25 सितंबर 2017



जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं 
उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।

-अल्बर्ट आइंस्टीन

रविवार, 24 सितंबर 2017

आज का विचार 

यदि कोई कार्य कठिन है और आप उस कार्य को करने में बार-बार असफल हो रहे हैं तो कार्य को मत छोड़िये बल्कि उस कार्य को करने का तरीका बदल लीजिये। आप सफल हो जायेंगे। क्योकि असफलता  यह बताती है कि कार्य करने का तरीका ठीक नहीं है। तरीका बदल लीजिये, सफलता मिल जाएगी।

गुरुवार, 21 सितंबर 2017


आज का विचार 


वास्तव में भविष्य होता ही नहीं।
इसका हमें निर्माण करना है।

मंगलवार, 19 सितंबर 2017


आज का विचार 

जिन्दगी इतनी भी मुश्किल नहीं होती, 
मनुष्य इसमें खुद उलझ कर इसे मुश्किल बना देता है।


सोमवार, 18 सितंबर 2017

आज का विचार 


बोलने से पहले सोचना चाहिए क्योंकि 
बोले गए वचन केवल माफ किए जा सकते हैं 
भुलाए नहीं जा सकते।

रविवार, 17 सितंबर 2017



आज का विचार 



दुनिया की सबसे अच्छी किताब हम स्वयं होते हैं, 
खुद को समझ लीजिए सब समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

शुक्रवार, 15 सितंबर 2017


आज का विचार 

                                   भाग्यशाली वो लोग नहीं होते                               

        जिन्हे सब कुछ भाग्य से अच्छा-अच्छा मिलता है, 

बल्कि वो लोग होते हैं जिन्हे जो भी मिलता है उसे अच्छा बना लेते हों।



गुरुवार, 14 सितंबर 2017


आज का विचार 

हाथ की लकीरों की ताक़त का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है 
की वे मुट्ठी में बंद होकर भी काबू में नहीं होती।

मंगलवार, 12 सितंबर 2017


आज का विचार 


अगर आप के अंदर आत्मविश्वास की कमी हो जाती है 
तो ये दुनिया डरावनी नज़र आती है।

आज का विचार 


हमें आने वाले कल से अपने आप 
अच्छे होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए,
बल्कि आज की गयी मेहनत और 
तैयारी ही उसे अच्छा बना सकती है।


अब बिना रसायन केवल 2300 रुपए में 
गोदाम में रखे अनाज को, बचा सकेगे किसान


हाल में जारी कृषि मंत्रालय की फसल अनुसंधान इकाई सिफेट की रिपोर्ट को माने तो हमारे देश भारत में प्रतिवर्ष इतना अनाज बर्बाद होता है, जितना ब्रिटेन उगा भी नहीं पाता। भारत में हर साल 67 लाख टन खाना बर्बाद हो जाता है। स्टडी के अनुसार बर्बाद होने वाले खाने का मूल्य 92 हजार करोड़ रुपए है। यह रकम भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत व्यय की जाने वाली राशि का दो-तिहाई है।

आगे रिपोर्ट में कहा गया है कि फल, सब्जियां और दालें सबसे अधिक बर्बाद होती हैं। अनाज का सड़ना, कीट, मौसम और भंडारण (स्टोरेज) की कमी बर्बादी के सबसे बड़े और प्रमुख कारण हैं। यदि बात फसलों की जाए तो 10 लाख टन प्याज खेतों से मार्केट में आने के रास्ते में ही बर्बाद हो जाती है। वहीं 22 लाख टन टमाटर भी बीच रास्ते में दम तोड़ देता है। इतना ही नहीं 50 लाख अंडे कोल्ड स्टोरेज में सड़ जाते हैं।
ऐसी समस्याओं के आड़े आने से किसान की खुशहाली में बाधाएं पड़ रही थीं जिसको एक किसान और उसके पुत्र ने समझा। अरुण का कहना हैं कि उधमपुर जिले में वर्ष 2008 में बीज गोदाम में रखे अनाज के सड़ने के बाद जिले के किसानों को करोड़ो रुपये का नुकसान हुआ था, इस नुकसान से मेरी तरह हजारों किसान आहत हुए थे। तब मैंने इस समस्या का उपाय खोजने का सोचा था।

सन् 2009 में उत्तराखंड के उधमपुर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर चकरपुर गाँव के अरुण कुमार काम्बोज (60 वर्ष) एवं उसके सुपुत्र शोभित काम्बोज ने मिलकर एक ऐसा यंत्र बनाया जिससे भण्डार गृह में ऑक्सीजन को अंदर जाने से रोका जाता है। वास्तव में यह एक यंत्र है, जिससे बीज गोदाम में रखे अनाज को कीटों एवं चूहों से बिना रसायनों के उपयोग से कम लागत में बचाया जा सकता हैं।
अरुण का कहना हैं कि मैंने अनेक अनुभवी बुजुर्ग किसानों से इस संबंध में बात की, जाना कि पुराने समय में अनाज का भण्डारण कैसे होता था और कौन-कौन से तरीकों को अपनाया जाता था। जानकारी मिली कि पहले धुएं से किसान अपना बीज भण्डारण करते थे। इसी सोच को और विकसित करते हुए मैंने अंगीठीनुमा एक यंत्र बना डाला, जिसको “हवन पात्र तकनीक” नाम दिया गया।

वैसे तो अरुण काम्बोज द्वारा तैयार अंगीठीनुमा यंत्र विज्ञान के बहुत ही साधारण नियम पर आधारित है। उनकी माने तो, किसी बीज भंडारगृह से यदि ऑक्सीजन को खत्म कर दिया जाए, तो अनाज को कीटों तथा चूहों से बचाया जा सकता है। इस अंगीठीनुमा यंत्र को इस तरह से फिट करके, उसमें लकड़ी जलाई जाती है कि जिससे भंडारगृह में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस प्रवाहित हो सके। इस पात्र में लकड़ी तब तक जलाई जाती है, जब तक भंडारगृह की पूरी ऑक्सीजन खत्म न हो जाये।

अरुण का आगे कहना हैं कि जैसे ही भंडारगृह की पूरी ऑक्सीजन समाप्त हो जाती वैसे ही पात्र में जल रही लकड़ियां स्वतः ही बंद हो जाती हैं। ऑक्सीजन की कमी होते ही यहां के कीटों और सूक्ष्म जीवों की श्वसन क्रिया बाधित होने लगती है और ये मर जाते हैं। इससे भंडारण में रखा बीज जैविक ढंग से सुरक्षित किया जा सकता है।
इस तकनीक के अविष्कारक अरुण काम्बोज को अनेक सरकारी विभागों द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। अरुण की माने तो 100 क्विंटल अनाज भण्डारण के लिए ये यंत्र मात्र 2300/- रुपये में तैयार हो जाता है। इस यंत्र के आकार के अनुसार ही इसकी लागत भी आती है।
कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सी. तिवारी का कहना है कि ये यंत्र कम लागत में तैयार किया गया है। इस यंत्र को विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग को रिसर्च के लिए भेज दिया है, जिससे व्यापक स्तर पर बीज गोदामों में इस यंत्र का उपयोग किया जा सके।...केमिकल फ्री वातावरण वाला ये यंत्र अभी छोटे गोदामों के लिए कारगर है, अगर ये बड़े स्तर पर सफल हुआ तो देश में बीज गोदामों में हजारों टन सड़ रहे अनाज को बर्बाद होने से रोका जा सकता है।